नई दिल्ली (EMRS School, Eklavya Model Residential School). देश के टॉप सरकारी स्कूलों में सैनिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के नाम शामिल हैं. इन स्कूलों में मुफ्त में या कम फीस में पढ़ाई होती है. एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भारत सरकार की पहल है. इनकी शुरुआत अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribes) के बच्चों को हाई क्वॉलिटी शिक्षा प्रदान करने के लिए की गई है.
एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल विशेष रूप से दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों के लिए बनाए गए हैं (Eklavya Adarsh Awasiya Vidyalaya). इससे उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा और अवसरों से जुड़ने का अवसर मिलता है. भारत में कुल 721 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय स्थापित करने की स्वीकृति है. इनमें से 477 सरकारी स्कूल फंक्शनल हैं. ईएमआरएस स्कूल में एडमिशन और अन्य डिटेल्स वेबसाइट tribal.nic.in/EMRS या nests.tribal.gov.in पर चेक कर सकते हैं.
Eklavya Model School: एकलव्य मॉडल स्कूल क्या हैं?
EMRS का लक्ष्य जनजातीय बच्चों को मुफ्त और हाई क्वॉलिटी शिक्षा प्रदान करना है. इनमें न सिर्फ एकेडमिक्स, बल्कि शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर भी ध्यान दिया जाता है. ये स्कूल नवोदय विद्यालय की तर्ज पर बनाए गए हैं, लेकिन इनका फोकस ST बच्चों पर है.
शिक्षा स्तर: एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई होती है.
विशेषता: ये आवासीय स्कूल हैं यानी बच्चे यहां रहकर पढ़ाई करते हैं. साथ ही स्थानीय संस्कृति, खेल और कौशल विकास (Skill Development) पर भी जोर दिया जाता है.
Govt Schools: एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल की स्थापना कौन करता है?
प्रबंधन: भारत सरकार का जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) ईएमआरएस की स्थापना और संचालन करता है.
फंडिंग: ये स्कूल संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत अनुदान से चलते हैं. केंद्र सरकार स्कूल की स्थापना के लिए एकमुश्त 30 लाख रुपये और हर साल प्रति स्कूल 30 लाख रुपये तक देती है. अतिरिक्त खर्च राज्य सरकारें वहन करती हैं. ईएमआरएस स्कूल का बजट 7,088.60 करोड़ रुपये है, जोकि पिछले साल के 4,748 करोड़ रुपये से लगभग दोगुना है.
लक्ष्य: 2018-19 के बजट के अनुसार, 2022 तक हर उस ब्लॉक में EMRS स्थापित करने का लक्ष्य था, जहां 50% से ज्यादा ST आबादी और कम से कम 20,000 जनजातीय लोग हों. अब तक 400 से ज्यादा स्कूल कार्यरत हैं और 740 स्कूलों का लक्ष्य है.
EMRS में एक क्लास में कितने बच्चे हैं?
क्षमता: हर एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कुल 480 छात्रों की क्षमता होती है. इन्हें कक्षा 6 से 12 तक में एडमिशन दिया जाता है. फिल्हाल 477 EMRS में 1,37,678 स्टूडेंट्स हैं.
क्लास साइज़: औसतन, एक कक्षा में 40 बच्चे होते हैं. छात्र-शिक्षक अनुपात (Student-Teacher Ratio) भी लगभग 1:40 रखा जाता है. इससे हर स्टूडेंट पर फोकस करना आसान हो जाता है.
लिंग अनुपात: एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय सह-शिक्षा (Co-Ed) स्कूल हैं. इसमें लड़के और लड़कियों की संख्या बराबर (240-240) रखने की कोशिश की जाती है.
EMRS Admission: एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में एडमिशन कैसे मिलता है?
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में मुख्य रूप से अनुसूचित जनजाति (ST) के बच्चों को ही एडमिशन दिया जाता है. हालांकि कुछ सीटें (10% तक) गैर-ST बच्चों के लिए भी आरक्षित हो सकती हैं, जैसे कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में माता-पिता को खोने वाले बच्चे, विधवाओं के बच्चे या विशेष रूप से अक्षम माता-पिता के बच्चे. कक्षा 6 में प्रवेश के लिए बच्चे का 5वीं पास होना अनिवार्य है और उम्र 10-13 साल के बीच होनी चाहिए.
एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में प्रवेश की प्रक्रिया
प्रवेश परीक्षा: EMRS Selection Test (EMRSST) नाम की एक परीक्षा होती है. इसमें मानसिक क्षमता, गणित और भाषा से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं.
आवेदन: ऑफलाइन या ऑनलाइन फॉर्म भरना होता है, जो राज्य सरकार या EMRS की वेबसाइट (emrs.tribal.gov.in) पर उपलब्ध होता है.
चयन: मेरिट के आधार पर चयन होता है. पहली पीढ़ी के छात्रों और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) को प्राथमिकता दी जाती है.
Eklavya Model Residential School Fees: एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय की फीस कितनी है?
मुफ्त शिक्षा: EMRS में पढ़ाई, रहना, खाना, यूनिफॉर्म, किताबें और स्टेशनरी सब मुफ्त है.
कोई शुल्क नहीं: यह योजना गरीब और जनजातीय बच्चों के लिए है. इसलिए कोई फीस नहीं ली जाती है. सभी खर्च सरकार वहन करती है.
एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में क्या सुविधाएं मिलती हैं?
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं. इससे बच्चों का वहां रहकर पढ़ाई करना आसान हो जाता है.
आवास:
छात्रों के लिए हॉस्टल, जिसमें लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग व्यवस्था.
वॉर्डन और सहायक स्टाफ के लिए भी आवास.
शिक्षा:
CBSE पाठ्यक्रम के साथ लाइब्रेरी, प्रयोगशालाएं (लैब) और कंप्यूटर रूम.
दिव्यांग बच्चों के लिए सुलभ इमारतें.
खाना:
मुफ्त भोजन (नाश्ता, दोपहर का खाना, रात का खाना).
किचन और सब्जी बगीचा स्कूल परिसर में ही हैं.
खेल और संस्कृति:
खेल के मैदान (20 एकड़ में से 3.5 एकड़ निर्माण के लिए, बाकी खेल और हरियाली के लिए).
स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ट्रेनिंग. स्काउट्स, गाइड्स और NCC जैसी खास एक्टिविटीज.
काम की बात
लोकेशन: एकलव्य स्कूल जनजातीय बहुल क्षेत्रों में बनाए जाते हैं, जैसे मध्य प्रदेश (32 स्कूल), छत्तीसगढ़, ओडिशा आदि.
वर्तमान स्थिति: अप्रैल 2025 तक, 470+ EMRS कार्यरत हैं, जिनमें 1.3 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं. इनमें से 68,001 छात्र और 69,677 छात्राएं हैं.
भविष्य: सरकार एकलव्य मॉडल स्कूल में 38,800 शिक्षकों और स्टाफ की भर्ती कर रही है. इससे ज्यादा बच्चों पर ध्यान देने में मदद मिलेगी.