Quiz: बैरिस्टर विग क्यों पहनते हैं? 425 साल पुराने इतिहास की दिलचस्प है कहानी

20 hours ago

Why do barristers wear wigs: अगर आपकी कानून व्यवस्था, ज्वलंत मुद्दों पर अदालती फैसलों के बारे में जानने की दिलचस्पी है तो यकीनन आपने कभी न कभी अदालती तौर तरीकों पर गौर किया होगा. खुद किसी केस की सुनवाई को देखने सुनने कोर्ट में न भी गए होंगे तो फिल्मों या टीवी सीरियल्स में कोर्ट रूम और वहां की कार्यप्रणाली को देखा होगा. जज कहां बैठते हैं. वकील कैसे कपड़े पहनते हैं और कोर्ट का माहौल कैसा होता है. क्या कोर्ट रूम यानी अदालत से जुड़ा कोई सवाल आपके दिमाग में आया है, अगर नहीं तो हम आपसे एक सवाल पूछते हैं कि क्या आपको पता है कि बैरिस्टर कौन होता है. ब्रिटेन समेत कई देशों में बैरिस्टर विग क्यों पहनते हैं और इसकी शुरुआत कब से हुई.

अगर आपको इन सवालों के जवाब नहीं मालूम है तो आइए इन सवालों का जवाब आपको बताते हैं. न्यायपालिका की बात करें तो बैरिस्टर, आम तौर पर, एक ऐसा वकील होता है जो न्यायालय में अपने मुवक्किलों का प्रतिनिधित्व करने में विशेषज्ञता रखता है. ब्रिटेन समेत कई देशों के बैरिस्टर विग पहनते हैं. विग का प्रचलन शुरू होने के पहले वकीलों के लिए केवल एक ही शर्त होती थी कि उनके बाल बहुत बड़े और बेतरतीब न हों और उनकी दाढ़ी साफ सुथरी हो. हालांकि करीब 425 साल पहले यानी सन 1600 के दशक में यह सब बदलने वाला था.

बैरिस्टरों ने विग पहनना कब शुरू किया?

बैरिस्टर के विग पहनने का चलन यूरोप में शुरू हुआ. किंग चार्ल्स सेकेंड (1660-1685) के शासनकाल के दौरान यूके में विग रईसों और अभिजात्य वर्ग के बीच एक पॉपुलर फैशन स्टेटमेंट बन चुका था. उस समय विग को प्रभावशाली और अधिकार के प्रतीक के रूप में देखा जाता था. खासकर के कानून के जानकार यानी वकील अपनी पावर को दिखाने के लिए कोर्ट रूम के अंदर और कोर्ट के बाहर भी विग पहनते थे. हालांकि ये भी सच है कि उस दौर में भी कुछ वकील विग पहनने में हिचकिचाते थे. किंग चार्ल्स द्वितीय के शासनकाल के अंत तक विग को न्यायाधीशों द्वारा पूरी तरह से स्वीकार कर लिया गया था.

एक सदी के बाद विग की लोकप्रियता कम हो गई. हालांकि, कानूनी पेशे के भीतर विग पहनने की परंपरा बनी रही और एक औपचारिक आवश्यकता बन गई.

क्या बैरिस्टर अभी भी विग पहनते हैं?

विग का चलन अब भी न्यायालय में मौजूद है. इसे ड्रेस कोड की तरह देखा जाता है. ताकि कानूनी व्यवस्था की लंबी परंपरा और औपचारिकता को बनाए रखा जा सके. हालांकि, बदलते समय के साथ विग में कुछ बदलाव हुए हैं. मूल रूप से, कोर्ट में पहने जाने वाले विग पूरे तल वाले होते थे, जो आमतौर पर पीछे और किनारों पर गर्दन से नीचे तक फैले होते थे और कंधों पर आराम से टिकते थे. अब पूरे तले वाले विग का यूज औपचारिक पोशाक के रूप में होता है. आजकल सबसे अधिक देखे जाने वाले विग बॉब-स्टाइल विग हैं, जिनके चारों ओर बहुत छोटे किनारे होते हैं. 

विग कैसे बनते हैं?

विग, पारंपरिक रूप से घोड़े के बालों से बनते थे. हालांकि आधुनिक समय के सामाजिक और पर्यावरण के प्रति जागरूक करने वाले दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए जजों और वकीलों द्वारा पहने जाने वाले विग की सामग्री और निर्माण की प्रकिया दोनों में बदलाव आया है.

एक शाकाहारी शख्स होने के चलते एक बार यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ के पूर्व छात्र सैमुअल मार्च ने पारंपरिक घोड़े के बालों से बने विग पहनने से इनकार करते हुए पहला प्लांट बेस्ड विग बनाने का इरादा जताया. उन्होंने भांग का उपयोग करके एक ऐसी विग बनाने में कामयाबी हासिल की जिसे वेजिटेरिन लोग भी बिना डरे पहन सकते थे.

कानूनी हलकों में उनके इस कथित वेजी विग की खबर जंगल में आग की तरह फैली तब सैमुअल को एहसास हुआ कि उनके बनाए पर्यावरण-अनुकूल विग की डिमांड बहुत ज्यादा है आगे चलकर उन्होंने एक कंपनी बनाई जो बार के सदस्यों के लिए कस्टम मेड विग बनाती है. 

कोर्टरूम में विग का भविष्य

कई सालों बाद 21वीं सदी की शुरुआत में कई देशों में बदलाव हुए. ब्रिटेन में भी 2007 में नियमों में बदलाव हुआ जिसके तहत बैरिस्टर को सिविल कोर्ट और फैमिली कोर्ट में जिरह के दौरान विग पहनने से छूट दी गई है. यूके की सुप्रीम कोर्ट में भी अब विग पहनने की अनिवार्यता नहीं है. हालांकि ब्रिटेन में आपराधिक मुकदमों की जिरह के दौरान अब भी विग पहनना अनिवार्य यानी कंपलसरी है. जबकि दुनिया भर में न्यायालय में विग पहनने की अनिवार्यता कम होती जा रही है, ब्रिटेन में कई कानूनी जानकार यानी बैरिस्टर अब भी विग पहनने में गर्व महसूस करते हैं.

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