US News: मदद करना मानवीय गुण है. दया, ममता और करुणा आंतरिक शांति का असहास कराते हैं. बहुत से लोग अपने आप को खुश रखने के लिए दूसरों की मदद करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक ऐसा करने से पुण्य मिलता है. इसलिए कुछ संस्थाएं 'ईश्वर अंश जीव अविनाशी' यानी हर जीव में ईश्वर का वास है' के सूत्र को फॉलो करते हुए लोगों की मदद करती हैं. वहीं कुछ स्वयंसेवी संगठन बेजुबान जानवरों की रक्षा और खुशहाली के लिए काम करते हैं. दोनों ही पहलुओं से जुड़ी खबरें लोगों को अच्छा काम करने के लिए मोटिवेट यानी प्रेरित करने के साथ सोशल मीडिया के युग में खूब वायरल होती हैं.
महिला ने लगा दी छलांग
फ्लोरिडा निवासी इस महिला ने झील में सैर के दौरान अपने कुत्ते को बचाने के लिए साढ़े 6 फुट लंबे मगरमच्छ पर छलांग लगा दी. फॉक्स 13 की रिपोर्ट के मुताबिक किम्बर्ली स्पेंसर ने इवनिंग वॉक के दौरान अपने कुत्ते कोना की जान बचाने के लिए जान जोखिम में डाल दी.
टैम्पा निवासी और एक प्राइमरी स्कूल टीचर किम्बर्ली स्पेंसर, वेस्टवुड झीलों के नजदीक अपने पेट डॉगी कोना के साथ टहला रही थीं, तभी पानी से अचानक 6.5 फुट का मगरमच्छ ने कोना को खींचने के लिए झपट्टा मारा.
साहस को सलाम कर रहे लोग
किम्बर्ली ने कहा, 'मैं नेचर लवर नहीं हूं. मुझे मगरमच्छ, सांप, आप जो भी नाम लें, सभी से हमेशा डर लगता है. लेकिन जब वो मेरे डॉगी की जान को खतरा बना तो फौरन मेरा डर दूर हो गया. अचानक, मैंने उसकी आंखें देखकर छलांग लगाते हुए मगरमच्छ को रोका. वो बहुत ताकतवर और फुर्तीला था वो अपने जबड़ों को खोलकर डॉगी को दबोचने जा रहा था, वैसे ही मैं उसकी पीठ पर कूद गई और उसके जबड़े खोलकर डॉगी को बाहर निकालने में मदद की जब तक मैं स्योर नहीं हो गई मैंने उसके जबड़े को नहीं छोड़ा.'
अब टीचर की बहादुरी की चारों ओर चर्चा हो रही है. महिला ने बताया कि उनके डॉगी को कुछ घाव आए तो फौरन उसे वो अस्पताल ले गईं. टांके लगाकर उसे वापस मेरे साथ भेज दिया गया. अगर मेरे बेबी को कुछ हो जाता तो मैं जी नहीं पाती.