US या चीन नहीं, ये भारत में हो रहा..इस स्कूल में टीचर नहीं, Robot पढ़ा रहे हैं

17 hours ago

Last Updated:April 05, 2025, 21:56 IST

AI robot teacher: राजकोट के न्यू फ्लोरा स्कूल में छात्रों को AI रोबोट पढ़ा रहा है. इस तकनीक से बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ी है और अटेंडेंस में भी सुधार आया है. रोबोट हिंदी-अंग्रेजी समेत कई विषय पढ़ा रहा है. ...और पढ़ें

US या चीन नहीं, ये भारत में हो रहा..इस स्कूल में टीचर नहीं, Robot पढ़ा रहे हैं

राजकोट के एक स्कूल में रोबोट बना टीचर

राजकोट के न्यू फ्लोरा स्कूल में अब बच्चों को इंसान नहीं, बल्कि एक स्मार्ट रोबोट पढ़ा रहा है. स्कूल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सहारे ऐसा रोबोट तैयार किया है, जो बच्चों को कई विषयों में पढ़ाता है. स्कूल में 550 से ज्यादा बच्चे इस रोबोट से रोजाना क्लास लेते हैं. यह अनोखा प्रयोग शिक्षा की दुनिया में एक बड़ी क्रांति की तरह देखा जा रहा है.

15 दिन से हो रही खास पढ़ाई
न्यू फ्लोरा स्कूल, जो कुवाडवा रोड पर स्थित है, वहां पिछले 15 दिनों से AI रोबोट के जरिए पढ़ाई शुरू हुई है. यह रोबोट बच्चों को हिंदी, अंग्रेजी व्याकरण, सामाजिक विज्ञान, सामान्य ज्ञान और गुजराती जैसे विषय सिखाता है. छोटे बच्चों को यह रोबोट एबीसीडी और कहानियां भी सुनाता है. कक्षा 5 से 7 तक के बच्चों के लिए रोबोट अलग-अलग विषयों की क्लास लेता है. इससे बच्चों की सीखने की रुचि भी लगातार बढ़ रही है.

बच्चों को रोबोट से जुड़ाव महसूस हो रहा है
स्कूल में जबसे यह रोबोट आया है, बच्चों में स्कूल आने को लेकर खास उत्साह देखा गया है. बच्चे इस रोबोट से सवाल पूछते हैं और जवाब भी उसी से पाते हैं. बच्चों के अनुसार, उन्हें रोबोट से पढ़ाई करना मजेदार लगता है और इससे पढ़ाई भी जल्दी समझ आती है. स्कूल की उपस्थिति दर भी बढ़ी है.

यूट्यूब से आई प्रेरणा, छह महीने में बना रोबोट
स्कूल के प्रिंसिपल जयविन लक्कड़ ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि एक साल पहले उन्होंने यूट्यूब पर एक वीडियो देखा था, जिसमें रोबोट से पढ़ाई कराई जा रही थी. वहीं से उन्हें आइडिया मिला कि अपने स्कूल में भी ऐसा कुछ किया जाए. इसके बाद उन्होंने खुद रोबोट बनाने की ठानी और करीब छह महीने में रोबोट तैयार किया. इस पर लगभग ढाई लाख रुपये का खर्च आया.

इस रोबोट की खूबियां क्या हैं?
यह AI आधारित रोबोट बच्चों से बातचीत कर सकता है, उन्हें सवालों के जवाब दे सकता है और 24 घंटे एक्टिव लर्निंग मुहैया कराता है. इसमें अंग्रेजी और हिंदी दोनों में पढ़ाने की क्षमता है. यह डेटा स्टोर कर सकता है, बच्चों की समझ को पहचान सकता है और उनके हिसाब से पढ़ाई को ढाल सकता है. यह रोबोट बच्चों को टेक्नोलॉजी की दुनिया से भी जोड़ रहा है.

भविष्य में और उन्नत होगा रोबोट
स्कूल के प्रिंसिपल का कहना है कि आने वाले दिनों में इस रोबोट को और स्मार्ट बनाया जाएगा. जल्द ही इसमें होंठ और हाथ हिलाने की क्षमता भी जोड़ी जाएगी, ताकि बच्चों को और ज्यादा रियल फील आए. इससे पढ़ाई और भी इंटरेक्टिव हो जाएगी.

First Published :

April 05, 2025, 21:56 IST

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