Last Updated:April 05, 2025, 15:09 IST
Gujarat News Today: गुजरात सरकार फैक्ट्री में महिलाओं के रात में काम करने का रास्ता साफ करने जा रही है. इसके लिए फैक्ट्री एक्ट 1948 में बदलाव किए जाने की तैयारी जोरों पर चल रही है. महिलाओं को पूरी सुरक्षा क...और पढ़ें

गुजरात सरकार कानून बदलने जा रही है. (PTI)
हाइलाइट्स
गुजरात में महिलाओं को रात में फैक्ट्री में काम करने की इजाजत दी जाएगी.फैक्ट्री एक्ट 1948 में बदलाव करने की तैयारी गुजरात सरकार कर रही है.सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक महिलाएं फैक्ट्री में काम कर सकती हैं.Gujarat News Today: आज के दौर में महिलाओं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर नौकरी कर रही. नाइट शिफ्ट में भी महिलाएं काम करती. ऐसे में गुजरात सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही. गुजरात में महिलाओं की मौज होने वाली हैं. अब गरीब और मध्यमवर्गीय महिलाओं को भी रात में घर से निकलने से कोई नहीं रोक पाएगा. सरकार कानून सात दशक पुराने एक कानून में बदलाव करने जा रही है. फैक्ट्री में काम करने वाली महिलाओं को भी जल्द नाइट शिफ्ट में काम करने की इजाजत गुजरात की सरकार देने का मन बना चुकी है. टाइमस ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक इसे लेकर फैक्ट्री एक्ट 1948 में संशोधन करने की तैयारी हो रही है. यह साफ कर दिया गया है कि कॉल सेंटर व अन्य मल्टी नेशनल कंपनियों की तर्ज पर फैक्ट्री में काम करने वाली महिलाओं के लिए भी नाइट शिफ्ट में काम करने के दौरान पिक एंड ड्रॉप सहित अन्य सुविधाएं मुहैया करानी होगी.
गुजरात के फैक्ट्री एक्ट के मौजूदा प्रावधानों के तहत महिलाओं को केवल सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक काम करने की इजाजत है. अखबार ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि महिलाओं को कारखानों में रात की पाली में काम करने की अनुमति देने वाला अध्यादेश अगले कुछ दिनों में जारी होने की उम्मीद है. सरकारी सूत्रों ने कहा कि यह महिला वर्कफोर्स को सशक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा. कारखाना अधिनियम, 1948 में संशोधन प्रस्तावित किए गए . अधिनियम की धारा 65 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य सरकार का लक्ष्य अध्यादेश के माध्यम से अधिनियम की धारा 66 के खंड (बी) को संशोधित करने का है.
महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर करेंगी काम
गुजरात के फैक्ट्री एक्ट की धारा 66 कहती है कि किसी भी महिला को सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे के अलावा कारखाने में काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. यह प्रावधान महिलाओं को रात के समय काम करने से रोकता है. सरकारी सूत्रों ने कहा कि इस धारा में संशोधन कर महिलाओं को रात के समय भी काम करने की अनुमति दी जाएगी ताकि महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करते हुए वर्कफोर्स को बढ़ाया जा सके. फैक्ट्री मालिकों को सुरक्षा उपायों को बढ़ाना होगा और रात की पाली में काम करने वाली महिलाओं के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करनी होंगी. कहा गया कि प्रस्तावित संशोधन औद्योगिक रोजगार में महिलाओं के लिए एक सुरक्षित, समावेशी और सशक्त वातावरण स्थापित करने की शर्तों को पूरा करने पर निर्भर.
First Published :
April 05, 2025, 15:09 IST