Last Updated:March 26, 2025, 05:26 IST
PM Cares Fund News: अमित शाह ने राज्यसभा में कांग्रेस पर पीएम राष्ट्रीय राहत कोष में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया और बताया कि पीएम-केयर्स फंड की समीक्षा शीर्ष मंत्रियों और सचिवों की समिति करती है.

अमित शाह ने पीएम फंड को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला.
नई दिल्ली. राज्यसभा में मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह ने पहले की यूपीए सरकार के दौरान प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएम एनआरएफ) के प्रबंधन को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि उसमें जवाबदेही एवं पारदर्शिता की कमी थी. उच्च सदन में आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक 2024 पर चर्चा का जवाब देते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष यूपीए के दौर में बनाया गया था, जबकि ‘पीएम-केयर्स फंड’ की स्थापना राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के दौरान की गई थी.
गृह मंत्री ने कहा, “कांग्रेस के शासन में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष पर सिर्फ एक परिवार का नियंत्रण था. कांग्रेस अध्यक्ष प्रधानमंत्री राहत कोष के सदस्य होते थे. आप इस देश के लोगों को क्या जवाब देंगे?” उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए शासन में राजीव गांधी फाउंडेशन को प्रधानमंत्री राहत कोष से धन दिया गया. उन्होंने कहा, “उनके समय में कोई पारदर्शिता नहीं थी. फंड के उपयोग को देखने के लिए कोई समिति नहीं थी.” शाह ने कहा कि इसके विपरीत “पीएम-केयर्स फंड” के प्रबंधन में ट्रस्टी के रूप में वित्त और रक्षा मंत्रियों सहित शीर्ष पांच मंत्री शामिल हैं तथा पांच सचिवों की एक समिति इसके व्यय की समीक्षा करती है और मंजूरी देती है.
कोविड महामारी के दौरान ‘पीएम-केयर्स फंड’ का इस्तेमाल वेंटिलेटर और टीकाकरण आदि के लिए किया गया था. अमित शाह ने कहा कि ‘पीएम-केयर्स फंड’ के प्रबंधन में किसी राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष शामिल नहीं हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि हम कहीं नहीं जा रहे हैं, अगर स्थिति बदलती है तो विपक्षी मंत्री इसे संभाल लेंगे. हमने भाजपा के अध्यक्ष जे.पी.नड्डा को इस निधि का सदस्य नहीं बनाया है.
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
March 26, 2025, 05:26 IST