कोलंबो में मोदी-अनुरा ने दिखाया 10 का दम! यूनुस को गोद में 'खिला' रहे जिनपिंग की बढ़ गई टेंशन

19 hours ago

India, Sri Lanka concluded key agreements: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ कोलंबो में डेलिगेशन लेवल की बैठक की. इस मुलाकात के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच कई अहम समझौते हुए. जियोपॉलिटिक्स के नजरिए से देखें तो इस मुलाकात को चीन की चालाकी का जवाब और उसकी विस्तारवादी पॉलिटिक्स पर तमाचा माना जा रहा है. चीन कर्ज के तले दबाकर कई देशों को अपने जाल में फंसाकर अपना विस्तारवादी एजेंडा पूरा कर रहा है. ऐसा करके वो श्रीलंका के एक बंदरगाह पर नियंत्रण हासिल कर चुका है. 

पहले मोइज्जू और अब यूनुस लेकिन अनुरा के आगे दाल नहीं गली...

काफी समय से मालदीव के मोहम्मद मोइज्जू के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे जिनपिंग ने मौके की नजाकत को समझते हुए अंगड़ाई ली और अपना कंधा बदलकर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया यूनुस और ढाका पर फोकस किया है. भारत को घेरने की मंशा से चीन ने भारत के सभी पड़ोसी देशों को भारत के खिलाफ करने की कोशिश की लेकिन दुनिया जानती है कि जब कहीं भी आपदा आती है तो भारत विश्व मित्र बनकर दुनिया के सामने खड़ा होता. ऐसे में भारत और श्रीलंक के बीच आज हुए 10 समझौतों से चीन को जो मरोड़ महसूस हुई होगी, उसका दर्द बीजिंग के हर मौसम के साथी पाकिस्तान को भी महसूस हुआ होगा.

10 अहम समझौते

भारत और श्रीलंका ने शनिवार को रक्षा सहयोग, इलेक्ट्रिक ग्रिड कनेक्टिविटी और त्रिंकोमाली में एक ऊर्जा केंद्र पर महत्वपूर्ण समझौते किए. पीएम मोदी ने राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके को भरोसा दिलाया कि नई दिल्ली द्वीप कोलंबो के आर्थिक सुधार प्रयासों में अपना सहयोग करना जारी रखेगा.

पीएम मोदी का बयान

दोनों पक्षों ने डिजिटल एक्सचेंज से लेकर लोन रि-स्ट्रक्टरिंग, हेल्थ एंड मेडसिन सेक्टर तक के क्षेत्रों में सहयोग के लिए 10 समझौतों को अंतिम रूप दिया है. इस सिलसिसे में भारत की मदद से पूरे होने वाले सामपुर इलेक्ट्रिसिटी प्रोजेक्ट की वर्चुअल आधारशिला रखी गई. ज्वाइंट प्रेस कॉंफ्रेंस में मोदी ने कहा, '2019 में श्रीलंका में हुआ आतंकवादी हमला हो या 2020 की कोरोना महामारी हो और उसके बाद श्रीलंका का आर्थिक संकट, हम हर मुश्किल हालात में श्रीलंका के लोगों के साथ खड़े रहे हैं. रक्षा सहयोग के लिए रूपरेखा पर समझौता ज्ञापन (एमओयू), दोनों देशों के बीच इस तरह का पहला समझौता है, जो संयुक्त सैन्य अभ्यास,  ट्रेनिंग और उच्च स्तरीय आदान-प्रदान को संस्थागत रूप देगा.

मोदी ने कहा हम दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग में संपन्न महत्वपूर्ण समझौते का स्वागत करते हैं. कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन और हिंद महासागर में सुरक्षा सहयोग के लिए दोनों देश मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं. दिसानायके ने पिछले दिसंबर में नई दिल्ली की अपनी यात्रा के दौरान दिए गए आश्वासन को दोहराया कि वे श्रीलंका की धरती का इस्तेमाल भारत के हितों के खिलाफ किसी भी आतंकी गतिविधियों के लिए हरगिज नहीं होने देंगे.

एचची की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों ने बिजली के व्यापार के लिए इलेक्ट्रिकसिटी ग्रिडों के अंतर्संबंध के लिए एमओयू (MOU) यानी समझौता ज्ञापन पर साइन किए हैं. यूएई से जुड़े एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन में त्रिंकोमाली को एक एनर्जी हब सेंटर के रूप में विकसित करने पर फोकस करने पर सहमति बनी. इसी प्रोजेक्ट में एक बहु-उत्पाद ऊर्जा पाइपलाइन का निर्माण भी शामिल है.

एक अन्य समझौता ज्ञापन श्रीलंका में डिजिटल परिवर्तन के लिए भारत के डिजिटल समाधानों को साझा करने में सक्षम करेगा. भारत के श्रीलंका से ऐतिहासिक संबंध रहे हैं. मोदी सरकार की नेबर्स फर्स्ट पॉलिसी और भारत के MAHASAGAR विजन में भी श्रीलंका का अहम स्थान है. भारत ने 2022 की आर्थिक मंदी से उबारने के लिए श्रीलंका को 4 बिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग दी थी. बीते 6 महीनों में ही, भारत ने 100 मिलियन डॉलर से अधिक के लोन को ग्रांट में बदल दिया है.

भारत ने श्रीलंका के लिए रेट ऑफ इंट्रेस्ट यानी ब्याज दर कम करने का फैसला किया है. श्रीलंका के पूर्वी प्रांतों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए 2.4 बिलियन श्रीलंकाई रुपये के पैकेज का ऐलान हुआ है. श्रीलंका के करीब 5000 धार्मिक संस्थानों को सोलर रूफटॉप सिस्टम की सप्लाई के प्रोजेक्ट का वर्चुअल उद्घाटन हुआ. 17 मिलियन डॉलर के प्रोजेक्ट को भारत द्वारा दिए गए लोन की मदद से पूरा किया जाएगा. परियोजना से हिंदू, बौद्ध, ईसाई और मुस्लिम तीर्थस्थलों को फायदा होने के साथ 25 मेगावाट ग्रीन एनर्जी का उत्पादन होगा.

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