Last Updated:March 25, 2025, 10:29 IST
Savukku Shankar: चेन्नई के किलपाक इलाके में यूट्यूबर सावुक्कू शंकर के घर पर हमला हुआ. हमलावरों ने घर में तोड़फोड़ की और गंदगी फैलाई. शंकर ने पुलिस कमिश्नर ए अरुण को जिम्मेदार ठहराया.

यूट्यूबर सावुक्कू शंकर के घर पर हमला
हाइलाइट्स
सावुक्कू शंकर के घर पर हमला हुआ.हमलावरों ने दरवाजा तोड़ा और गंदगी फैलाई.शंकर ने पुलिस कमिश्नर को जिम्मेदार ठहराया.चेन्नई: सोमवार सुबह का वक्त था. चेन्नई के किलपाक इलाके में सब कुछ शांत था, लेकिन कुछ ही देर में इलाके में बड़ा हंगामा हो गया. करीब 20 से ज्यादा लोग, जिनमें कुछ सफाईकर्मी के भेष में थे, अचानक यूट्यूबर ‘सावुक्कू’ शंकर के घर में घुस आए. उस वक्त घर में सिर्फ उनकी बुजुर्ग मां कमला मौजूद थीं. हमलावरों ने दरवाजा तोड़ा, घर में तोड़फोड़ की और अंदर गंदगी फैला दी.
बता दें कि यहीं नहीं गुंडों ने घर में सीवर का गंदा पानी, कीचड़ और मानव मल (human excreta) फेंका. फिर धमकी दी— “इस बार छोड़ दिया, अगली बार घर में आग लगा देंगे!” कमला कुछ समझ पातीं, इससे पहले ही हमलावरों ने उनका फोन छीन लिया. शंकर को वीडियो कॉल कर डराने की कोशिश की. फिर घर के बाहर जाकर प्रदर्शन करने लगे और शंकर की गिरफ्तारी की मांग करने लगे.
क्यों हुआ हमला?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सावुक्कू शंकर अपने बेबाक बयानों और खुलासों के लिए जाने जाते हैं. हाल ही में उन्होंने सीवर ट्रकों की खरीद में हुए भ्रष्टाचार को लेकर एक बड़ा खुलासा किया था. इसी के बाद से वे निशाने पर थे. शंकर ने इस हमले के लिए सीधे चेन्नई के पुलिस कमिश्नर ए अरुण को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने सोशल मीडिया पर CCTV फुटेज भी जारी किया, जिसमें बदमाश घर में तोड़फोड़ करते दिख रहे हैं.
वहीं, शंकर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैंने अपने यूट्यूब चैनल पर सिर्फ नई गाड़ियों की खरीद में हुए भ्रष्टाचार का खुलासा किया था. मेरी बात सफाईकर्मियों के खिलाफ नहीं थी.” हाल ही में शंकर ने एक सीनियर कांग्रेस नेता पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे.
पुलिस पर सवाल उठ रहे
घटना के बाद मामला गंभीर हो गया. पुलिस पर सवाल उठने लगे. आखिरकार, तमिलनाडु सरकार ने यह केस क्राइम ब्रांच-क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CB-CID) को सौंप दिया.
कौन हैं सावुक्कू शंकर?
शंकर पहले तमिलनाडु के भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (DVAC) में काम करते थे, लेकिन वह अपनी बेबाक पत्रकारिता और खुलासों के लिए मशहूर हुए. उन्होंने अपनी वेबसाइट सावुक्कु के जरिए कई बड़े अधिकारियों, नेताओं और पत्रकारों की कथित भ्रष्टाचार की कहानियां उजागर कीं. इस वेबसाइट को तमिलनाडु का विकीलीक्स भी कहा जाता है. साथ ही शंकर का एक YouTube चैनल “Savukku Media” भी है. इस चैनल के 5.22 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं.
कैसे शुरू हुआ विवाद?
2008 में शंकर ने एक टेप लीक किया, जिसमें दो वरिष्ठ अधिकारियों की बातचीत में भ्रष्टाचार का जिक्र था. यह मामला तमिलनाडु की तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता से जुड़ा था. इस खुलासे के बाद शंकर को गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत में उनके साथ थर्ड-डिग्री टॉर्चर किया गया. बाद में जमानत पर रिहा होने के बाद, उन्होंने RTI के जरिए जानकारियां जुटानी शुरू कीं और 2010 में सावुक्कु वेबसाइट लॉन्च की.
बड़े खुलासे और कानूनी लड़ाई
उनकी वेबसाइट ने 2G घोटाले से जुड़े टेप लीक किए, जो वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के खुलासे से पहले सामने आए. 2015 में, उन्होंने जयललिता की अदालत से मिली बरी होने की प्रक्रिया में कथित वित्तीय गड़बड़ियों का पर्दाफाश किया. इन धमाकेदार खुलासों की वजह से उन पर कई कानूनी मामले दर्ज हुए. 2014 में एक पत्रकार द्वारा दायर मानहानि केस के चलते सावुक्कु वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया गया, लेकिन शंकर ने इसे प्रॉक्सी साइट्स के जरिए चालू रखा.
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गिरफ्तारी और विवाद
शंकर को कई बार गिरफ्तार किया गया. 2022 में मद्रास हाईकोर्ट ने उन्हें न्यायपालिका पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के लिए 6 महीने की जेल की सजा सुनाई, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद भी वे राजनीतिक और न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलते रहे.
First Published :
March 25, 2025, 10:29 IST