100 साल की उम्र में पहली बार दिया 4 बच्चों को जन्म, दुनिया की 'अनोखी मां' की चारों तरफ हो रही चर्चा

20 hours ago

Four tortoises hatch to 100-year-old mom: मां बनना इस दुनिया की सबसे बड़ी खुशी मानी जाती है. मां बनने पर घर-परिवार, रिश्तेदार सब मिलकर खुशियों मनाते हैं. लेकिन अमेरिका के फिलाडेल्फिया में एक अनोखी मां बनी हैं, जिनकी खुशियां पूरी दुनिया मना रही हैं. और जो भी इस मां बनने की कहानी सुन रहा है, सब हैरान भी हैं और खुश भी तो आइए जानते हैं उस अनोखी मां की कहानी. 

करीब 100 साल की उम्र में मां बनने वाली अनोखी कहानी
wion में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के फिलाडेल्फिया में एक अनोखी मां ने सबको हैरान कर दिया है. करीब 100 साल की उम्र में उसने अपने पहले बच्चों को जन्म दिया है. इस मां का नाम है मॉमी, और इसके पति का नाम अब्राज़ो है. ये दोनों कोई इंसान नहीं, बल्कि गैलापागोस कछुए हैं, जो फिलाडेल्फिया चिड़ियाघर में रहते हैं. हाल ही में मॉमी ने चार बच्चों को जन्म दिया, जिससे वो अपनी प्रजाति की सबसे उम्रदराज पहली बार मां बनने वाली कछुआ बन गई है.

4 बच्चों की मां बनीं
चिड़ियाघर ने गुरुवार को बताया कि मॉमी के चार अंडों से बच्चे निकले हैं. ये गैलापागोस कछुए पश्चिमी सांता क्रूज़ प्रजाति से हैं, जो बेहद लुप्तप्राय हैं. इनकी संख्या बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक और चिड़ियाघर लगातार कोशिश कर रहे हैं. मॉमी 1932 में चिड़ियाघर आई थी, तब वो करीब 4 साल की थी. यानी अब उसकी उम्र लगभग 97 साल है और वजन 284 पाउंड. वहीं, अब्राज़ो 2020 में आया और उसकी उम्र 96 साल मानी जा रही है.

पिछले साल दिए थे 16 अंडे
पिछले साल नवंबर में मॉमी ने 16 अंडे दिए थे. चिड़ियाघर की टीम ने इन्हें खोदा और अलग-अलग तापमान पर सेने के लिए रखा. खास बात ये है कि तापमान से बच्चों का लिंग तय होता है. 82.4 डिग्री से कम पर नर और 85.1 डिग्री से ज्यादा पर मादा कछुए पैदा होते हैं. इस बार चार मादा अंडे फूटे, और 27 फरवरी से बच्चे बाहर आने शुरू हुए. इनका वजन 70-80 ग्राम है और ये स्वस्थ हैं. 23 अप्रैल को इन्हें लोगों के सामने लाया जाएगा, जो मॉमी के चिड़ियाघर आने की 93वीं सालगिरह भी होगी.

चार बार मां बनने की हुई कोशिश
ये पहली बार नहीं था जब मॉमी ने अंडे दिए. इससे पहले उसके चार बार अंडों को सेने की कोशिश हुई, लेकिन कोई बच्चा नहीं निकला. इस बार कामयाबी मिली, जो वैज्ञानिकों के लिए बड़ी राहत है. गैलापागोस कछुओं को जंगल में जगह कम होने और इंसानी दखल से खतरा है. 

लोग मना रहे खुशियां
अमेरिका के सैन डिएगो, मियामी और होनोलुलु चिड़ियाघरों में भी ऐसे जोड़े हैं, जो प्रजनन में मदद कर रहे हैं. लोग इस खबर से खुश हैं. सोशल मीडिया पर कोई कह रहा है, "100 साल में मां बनी, वाह!" तो कोई मजाक में बोला, "हम तो 30 में थक जाते हैं!" ये कहानी न सिर्फ हैरान करती है, बल्कि प्रकृति की ताकत भी दिखाती है. फिलाडेल्फिया चिड़ियाघर में लगभग 100 वर्षीय कछुओं के जोड़े ने चार नवजात शिशुओं का स्वागत किया है.

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